पोखरण लोक कला उल्लू की मूर्ति दीवार की सजावट
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इस मनमोहक टेराकोटा उल्लू वॉल हैंगिंग के साथ राजस्थान के चमकीले रंगों और समृद्ध प्रतीकों को अपने घर में लाएँ। पोखरण की विशिष्ट लोक कला शैली में निर्मित, इस कलाकृति में एक बुद्धिमान, बड़ी-बड़ी आँखों वाला उल्लू दर्शाया गया है—एक ऐसा प्राणी जिसे कई संस्कृतियों में ज्ञान और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है।
प्रमुख डिजाइन विशेषताएं:
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जटिल पंख की बनावट: उल्लू के शरीर में सुंदर लहरदार और बनावट वाली परतें हैं, जिन्हें पंखों की परतों की नकल करने के लिए गर्म नारंगी और चमकीले पीले रंग में हाथ से चित्रित किया गया है।
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जीवंत रंग विरोधाभास: पंखों और पैरों को चटख हरे रंग से सजाया गया है, जो इस क्षेत्रीय कला शैली की विशेषता वाला आकर्षक और खुशनुमा विरोधाभास पैदा करता है।
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टांगने के लिए तैयार: हुक (या रस्सी) से सुसज्जित, यह हल्का उपकरण किसी भी दीवार, स्तंभ या प्रवेश द्वार पर आसानी से टांगा जा सकता है।
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लोक कला का आकर्षण: हाथ से चित्रित यह मूर्ति किसी भी स्थान को एक अनूठा, देहाती और मनमोहक व्यक्तित्व प्रदान करती है, जिससे यह गैलरी की दीवार, बालकनी या बगीचे के शेड के लिए एक उत्कृष्ट सजावट बन जाती है।
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कारीगरों की उत्कृष्ट गुणवत्ता: पोखरण के कारीगरों के पारंपरिक कौशल और जीवंत सौंदर्यबोध को दर्शाते हुए, प्रत्येक उल्लू को व्यक्तिगत रूप से तैयार किया जाता है।
सामग्री: पकी हुई टेराकोटा मिट्टी, हाथ से चित्रित।
उपयोग: सजावटी दीवार की शोभा बढ़ाने के लिए, घर के अंदर/ढके हुए आँगन की सजावट के लिए, सोच-समझकर उपहार देने के लिए।